Friday, November 24, 2017

हाय !! तेरे बिन तरसे



हाय !! तेरे बिन तरसे

नींद नहीं लागे मोहे 
हाय !! तेरे बिन तरसे 
दिन भी बीते , रात में छ्हुपके 
बिरहँ की तरह , जोगन बनके 
मोहे सांज, भोर नहीं भाये 

राह मेरी उलझे ना सुलझे 
तू भी लौट ना आये 
मन का भवरा गुन गुन गाये 
पलभर भी चैन ना पाए 
तोहे काहे कदर नहीं मोरी 
मन मेरा भीगे आसवन में 

प्यार के नए सपने सुहाने 
काहे तूने बोये मेरे मनमे 
तरस तरस कर जिय रोये 
तोहे खबर नाही मोरी 
मन भाग भाग के ढाये 
हाय तेरे बिन तरसे