Tuesday, November 14, 2017

बरसात छिछोरी

बरसात छिछोरी

क्या मजाक लगाके रखा
इन बेपरवा बदली झुण्ड ने
कभी बरसता है रिम झिम
सूरज किरणे परसे टीम टीम

रंग छिडके आसमान में
मिलकर इंद्रधनु के संग
निचे धरती गीली गली
ऊपर धुप सब नकली

छुप जाते बादल पल में
छिड़क के बरसात छिछोरी
जैसे रंग पंचमी बच्चो की
छिपकर पिचकारी रंगभरी

तनिक रुक के किरणे परोसता
क्षणिक मुस्काती पवन सॉस
लहराती मुड़ती डाली नाचती
अंग मरोड़ती राण में घास

©lyriconlife nov17