Sunday, December 3, 2017

इंतज़ार



इंतज़ार 

ना तूम  आये ना तूम्हारी साद आयी 
पेहेले तेरी यादोकी बरात चली आयी 
           इंतज़ार करते करते 
           दिल में घुटनसी चली आयी 
मै क्याजानु इंतज़ार में तेरे 
कितनी सादिया बित  गयी 
           बेदर्दी ना बनो इतनी सजनी 
           मेंरे दिल की आरजू अबतक तड़प रही  
जिंदगी के कुछ पन्ने अधूरे है 
तेरे प्यारकी गहराई छिपी है उसमे 
           लौटा नहीं सकेंगे ओ दिलकी धड़कनें 
           आसु की सासे भरी है उसमे 
मिलेंगे तब दिलमे समा जायेगी ओ सब 
रोक नहीं पाएंगी तड़पते दिलो को मिलन 
         उस अधूरे पन्नो पर हम इजहार करेंगे 
         छुपा छुपी प्यार का इकरार करेंगे 
तब ना कहना मुस्किल अब सहना 
ऐसी हर खुशिया खाबोमे जगाये रखना 
         हुस्न का गुरुर तो जायज है नजाकत में 
         जिसमे हमारी प्यारकी खुमार जो ठहरी 
उसमे मेरी प्यार की गहराई उभर आयी 
ना संभाले ना संभले मेरी आजमाइश गहरी 
y