Wednesday, February 28, 2018

सपने गम हुवे यादो में

सपने गुम हुवे यादो में 

सपने गुम म हुवे यादो में
उनको भी नशा है चाह की
हम तो ठहरे गुलाम बेअकल
आदते है इश्क में डुबनेकी

हमें ना उनसे बे दखल कर
मशगूल हम उसके हुस्न पर
तारे भी आजतक रहे है
देखते चाँद के मुखड़े पर

ये इश्क बेजबान है तो क्या
आखे तो दिल की दीवार है
पनप लेना कभी इन आखोसे
सच मुच कितना प्यार है

दुनिया चाहे सोचे ना सोचे
हम पागल दीवाने ही सही
तेरी शर्मीली घटाओ में छिपा
हमारी सोच सिर्फ तू सही