Tuesday, March 27, 2018

मीनाकुमारी की याद में( मिना २७ )




बहु बेगम फिल्म में मीनाकुमारी कुछ अनमोल लब्ज
https://www.youtube.com/watch?v=IM6c9MXKFXM

मीनाकुमारी की याद में( मिना २७ )

तुम्हे लगता होगा के हम भूल गए उनको 
ये कैसी बेखुदा सोच सताती है आपको 
यादे जगा के रखी तुमने उनकी तस्बीर पहनकर 
गुजरे हर पल की याद दिलाती आरही है  

हम तो साथ ही थे, ना कभी अलग किया 
सोचते भी कैसे हम , तुम बिन जी लिया 
उनकी याद में हम तस्बीर के सहारे जी लेते है 
कहे ज़माना मगर उनके बगैर रह नहीं सकते 

गम ना करो कैसे हम भूल जाए उनको 
हर पल उनकी याद में खोजते है खुदको 
यही वह दिन थे जब बेपनाह दर्द था 
चाहने वालोको इतलाह भी ना किया था

मजबूर है सुहानी यादे

मजबूर है सुहानी यादे
सदा ढूंढते रहते वादे 
इस दुनिया में कोई नहीं जिसका
इन बेबस यादो  के सिवा

लेकर आसुओ का सहारा 
निगल जाते है गम की नदिया 
साँसों को  भी लगता है गम 
बिना पतवार लिए हम 

ये जागते हुवे सपनो 
फिरसे यादो को ना जगाओ 
हैरान हुई है राते जो 
यादो के बाहोंमे सोने  दो 

यह मुलायम सी बाते 
दिल चीरने वाली अदाएं 
समय रुक जाता है वहां 
हम सीने में संभाले हुवे