Saturday, March 24, 2018

मेरा माज़ी (मिनकुमारि के प्यार में धोकेबाजी उनके के आवाज में )( मिना २४ )




SEE HIS SEDUCED OATH COMPEL HER TO DIE. SEE SAME POEM IN HER VOICE

( Free translation in English and Hindi available )
 मेरा माज़ी (मिनकुमारिके आवाज में )
https://www.youtube.com/watch?v=W8ooL82Vwv4

 मेरा माज़ी 
मेरा माज़ी
मेरी तन्हाई का ये अंधा शिगाफ़
ये के सांसों की तरह मेरे साथ चलता रहा
जो मेरी नब्ज़ की मानिन्द मेरे साथ जिया
जिसको आते हुए जाते हुए बेशुमार लम्हे
अपनी संगलाख़ उंगलियों से गहरा करते रहे, करते गये
किसी की ओक पा लेने को लहू बहता रहा
किसी को हम-नफ़स कहने की जुस्तुजू में रहा
कोई तो हो जो बेसाख़्ता इसको पहचाने
तड़प के पलटे, अचानक इसे पुकार उठे
मेरे हम-शाख़
मेरे हम-शाख़ मेरी उदासियों के हिस्सेदार
मेरे अधूरेपन के दोस्त
तमाम ज़ख्म जो तेरे हैं
मेरे दर्द तमाम
तेरी कराह का रिश्ता है मेरी आहों से
तू एक मस्जिद-ए-वीरां है, मैं तेरी अज़ान
अज़ान जो अपनी ही वीरानगी से टकरा कर
थकी छुपी हुई बेवा ज़मीं के दामन पर
पढ़े नमाज़ ख़ुदा जाने किसको सिजदा करे

My ( kite's)  thread

Blind flaws for my loneliness,
It walks like respiration of mine ,
Which lives with me like pulse,
Who come and back with so long duration,
By the rocky fingers being pierce so deeply , did,
On deserve of someone's grip, blood trend continued,
Ponder ever who someone being a soulmate ,
At least someone who knows his real recognition.,
Love of yearning, suddenly arose screaming his name ,

Oh my part of the heart !!,
Oh darling companion, part of all my longing disgusted life,
Oh my deceiving friend of handicapped love,
Alas , all the wounds are deeply carved by you,
All my bleeding pains,
There is relation in your sighs and my moaning joys,
You are my God of heaven and I the greedy prayer,
That the helpless prayer thrashed with her brave efforts,
Tired, fearfully creeping, like a widow flatly thrown on dusty ground.,
Let lay for the prayer God knows , whom He accept,

मेरी ( पतंग  की ) डोर

मेरे अकेले पन के अंधी बदनामी
सासो की तरह मेरे साथ चलती रही
मेरे धड़कनो के साथ जीती रही
आते जाते हर लबे समय तक
फत्तर की उंगलियोंके  सहारे जीते रहे, जीते गए
कसी की चाहत के गोद पाने के लिए , दिल का लहू बहता रहा
सोचती रही , सोचती रही " यही मेरे रूह का (आत्मा) साथीदार होगा "
क्या कोई सच में उसको पहचान जान सकते है ?
मेरे प्यार की दर्द भरी आहट , अचानक उसकी " नाम " को चिल्लाती रही

ओ मेरे दिल के अंग प्रत्यांग
ओ प्यार के साथी,  मेरे बेसुमार गम के हिस्सेदार
ओ मेरे अधूरे प्यार को छलने वाले दोस्त
ये हमराही, सभी दिल के गहिरे जख्म दिए तूने
अभीभी दर्द लहू  बेहता  है
तेरी सांसो  का रिश्ता है मेरी आहों से
तू मेरा  खुदा  है, मैं तेरी प्रार्थना हूँ 
मेरी प्रार्थना मेरे दिल के प्यार को बड़ी तेजीसे टकरा रही है  
थकी हुई , डर से छुपी हुई, बेसहारा  बेवा, धूल से भरी ज़मीं के दामन पर
पढ़े नमाज़ .........ख़ुदा जाने ................किसको सिजदा करे