Friday, March 30, 2018

हे हमदर्द तुझे सलाम(मिना ३० )



एक प्रदीप कुमारके साथ मिनाकुमारिका दर्दभरा  शॉट https://www.youtube.com/watch?v=IM6c9MXKFXM
हे हमदर्द तुझे सलाम

कुछ ख़ुशी के  फूल उन्होंने बिखरे 
उसके  काटो भरे जिन्दगीमे  
ताकि कुछ मिले सुकून , कुछ मुस्कराती ख़ुशी 

उसकी हठी चाहत मेहेंगी पड़ी 
पूरी जान दाव पर लगा दी 
कुछ बदलेगा आसमान नए चाँद सितारे लेकर 

सूरज ना निकला कभी 
खामोशी की रात छा  गयी 
तड़पते हुवे दिल को जीते जीते जलाकर 

हे हमदर्द कुछ ख़ुशी के पल दिए तूने..............................तुझे सलाम 
हे हुस्न के बाशिंदे, कला के मिंधे .................................तुझे सलाम 
उसके रोती  सूरत के आशिक , खुद गरज के गुलाम .........तुम्हे सलाम 
ये अधूरी दुवाये, हे झूटी प्यारी साये, और ओ झूटी नशाये .......तुम्हे सलाम 

उनके लिए आना है वापस, प्यार के आस के लिए 
मेरा दर्द अभी है जिन्दा यहा, जीना है उनके लिए