Wednesday, March 28, 2018

तूने ये क्या नारी बनायी करुणा से उसको सजाया ( मीना २८ )



तूने ये क्या नारी बनायी  करुणा  से उसको सजाया ( मीना २८ )

दिलको लगेके सच है , उसकी वह दर्दीली अदाए 
वह रोये तो भी आसु गिरते ,दिल पिघलकर वो आते   
जीवन में ऐसा साथी हो , सपने बहोतोने  सजाये 
कारुण्य पूर्ण नारि का , उसने अदाओसे बनाया 

समझा वैसेही उसकी जिंदगी, जैसी अदाओ में निभायी 
सबके दिलको चोट पहुंची , दिल छलनी पूरा हो गया 
सारी  रात उसके  गम से , जवानी के बेरंगी सपने 
आवाज में था दर्द दबा हुवा , घूमता आसमान में साया 

बहोत सारी  उसकी फिल्मे,  हुयी हमारी जवानीमे 
लोग रो रो के हुवे दीवाने , ऐसा जीवन पुरा  निभाया 
प्यार का झूठा प्याला ,धरम ने जानबूझ पिलाया 
खुद भी मरमिट  गयी वह , सबका वादा ना निभाया 

शर्मीली नारिका जलवा , जिंदगी में अदाओसे सहलाया 
निर्माताओंके आशिकीसे  , पैसोने उन्हें लुभाया 
संसार के उसके जलाके , अपनी रोटी को सेका  
कुछ लुभावने नटो ने , सबने लूटके उसे फसाया