Saturday, March 10, 2018

यह न सोचो(मिना ११)



( Free translation to English is given below )

Listen today's say 

Don't you think for tomorrow
who knows what this moment has brought

Don't you weep and allow to do so 
Is that so earthquake like

Hold the river flow and dam
what can be in palm water thril

Each moment is an expectation
then how moment can make waken

When night is so calm and chilled
then why the morning so frolic

Listen today's say and do
what happen next who knows 


( Meena Kumari's kavita free translation )
 यह न सोचो(मिना ११)
यह न सोचो कल क्या हो
कौन कहे इस पल क्या हो

रोओ मत, न रोने दो
ऐसी भी जल-थल क्या हो

बहती नदी की बांधे बांध
चुल्लू में हलचल क्या हो

हर छन हो जब आस बना
हर छन फिर निर्बल क्या हो

रात ही गर चुपचाप मिले
सुबह फिर चंचल क्या हो

आज ही आज की कहें-सुने
क्यों सोचें कल, कल क्या हो. 

(शायरा मीना कुमारी )




अकेला मै यहाँ 

खुदाने उसको इतना सुन्दर बनाया 
के साया भी उसकी अभी है ज़िंदा 
कही सासे बनके रूह में रोती  रहती 
तनहा जिंदगी हमेशा मुसमुसाती 

तस्बीर बनके अभी है मंडराती 
रंग संग लेकर मेरे कागज़ पर आती 
लोगोने कितने होंगे आंसू बहाये 
अदाओ की जिंदगी मन में बसाये 

नाजुक परिसे थी मनमें मुलायम
आंसू हमेशा सजाते थे हरदम   
खाबोकि रानी जबसे बनी थी 
शर्माता था में अदब को सवारे 

ना पता था कहेगी अलविदा जल्दी 
काश कुछ मन का गम कह पाते 
सुन्न हो गयी सब दिन और राते 
सपने भी दफा हुवे अलविदा कहके 

झूटी है दुनिया झूठे ये परवाने 
किसपे ना भरोसा, लगता बेसहारे 
अल्बम जैसे सब नकली चहरे 
अकेला मै यहाँ अकेला मै यहाँ 

चंद्रकांत ( lyriconlife.com )