Thursday, March 15, 2018

मुहब्बत The Love (मिना १५ )



(English Translation of MeenaKumari' Poem )
The love
like a arc with different colours
from one edge of horizon 
stretched up to the another end
and their both (first and last) ends
merged in yearning pain
of wide ocean of longing

मुहब्बत
क़ौस ए कुज़ह की तरह
क़ायनात के एक किनारे से
दूसरे किनारे तक तनी हुई है
और इसके दोनों सिरे
दर्द के अथह समुन्दर में डुबे हुए हैं
(मीनाकुमारी की शायरी)

ये मुहोब्बत 
अलग अलग रंग से क्षितिज कमान 
आरम्भ से लेकर आखरी किनारी तक 
जैसे दूर आखरी तक खींची हुई है 
और इसके दोनों आखरी सिरे 
(जैसे आरम्भ और अंतिम )
दर्द के अथांग  समुन्दर में डुबे हुए हैं
(हिंदी भाषांतर )