Monday, April 2, 2018

मुँह में जबान नहीं = मेहजबीन ( मिना ३० )

(मिना ३० )
जब मीनाकुमारी आठ साल की थी तब पुरानी बेहेन फिल्म काम किया और खुदके आवाज में गाना गाया  . उसी समय १९४१ में बहोत पॉपुलर हुवा।
https://www.youtube.com/watch?v=plocUXlWRzI

यह पोस्ट ३० तारीख को पेश करनी थी।  गलती से रह गयी।

मुँह में जबान नहीं = मेहजबीन ( मिना ३० )

नफरते जुलुम से वो पैदा हुई थी
पहले दिनसे यतीमखाने भेजी थी
बच्चे की भूमिका से मिलेगा सहारा
मामाने दिया कुछ ऐसा ही दिलासा
इसी दिलासेसे  वो जिंदा रही  तब
वरना मरजाती गला घोट के बेखब्र

जनम के समय रोइ थी ना वह
गलघोटानेकी चली कोशिश वहा
जब माँ ने पूछा लड़का यालड़की हुई
बापने बोला  , मुँह में जबान नहीं
बीमार माँ ने सूना कुछ और सा
जैसे मेहजबीन, मेहजबीन नाम था

कुछ सुनी अनसुनी ऐसी कहानिया
पर सच में पागल हुई सारी दुनिया
जनम से ही दर्द को साथ ले आयी
यातनकानेमे चीटियोने काट खायी
जनमसे दुःख में कहारके रोती रही वह
उस रोनेसे कितने के पेट भर गयी वह

दर्द छोड़ गयी, उसे न भूलने के लिए
आज भी आंसू निकल आते उसके लिए
चाह होगी सबकी वह वापस लौट आये
शायद टाइम मशीन से ये मुमकिन है
इन्तजारमे हूँ मै उस पल के लिए
बीते हुवे कल के साथ गुजारने के लिए